राजस संघ

गठन

राजस्थान राज्य सहकारी अधिनियम 1965 के अन्तर्गत एक राज्य स्तरीय शीर्ष सहकारी संस्था के रूप में दिनांक 27 मार्च,1976 को गठन।

कार्य क्षेत्र

राजस्थान राज्य सहकारी अधिनियम 1965 के अन्तर्गत एक राज्य स्तरीय शीर्ष सहकारी संस्था के रूप में दिनांक 27 मार्च,1976 को गठन।

उद्धेश्य

कार्य क्षेत्र में निवास करने वाले जनजाति तथा सहरिया समुदाय के विकास के लिए केन्द्रीय/ राज्य स्तरीय योजनाओं का क्रियान्वयन, क्षेत्र में उपभोक्ता सामग्री, कृषि आदान वितरण, निर्धारित एम.एस.पी. पर लघु वन उपज संग्रहण, मत्स्याखेट गतिविधियां तथा रोजगार उपलब्ध कराये जाने के लिए प्रशिक्षण, अनुदान एवं ऋण उपलब्ध कराना तथा कार्यक्षेत्र में अवसंरचना को विकसित करते हुए सहकारी संगठनों के माध्यम से कल्याणकारी कार्यक्रम संचालन करना।

विभागीय प्रशासन

आयुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर दिनांक 4.12.2004 से प्रशासक के रूप में कार्यरत है। राजससंघ प्रधान कार्यालय में प्रबन्ध निदेशक, महा प्रबन्धक एवं मुख्य लेखाधिकारी एवम् अन्य अधिकारी पदस्थापित है। राजससंघ में जिला स्तर पर 4 क्षेत्रीय प्रबन्धक एवं 2 सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक कार्यालय यथा क्षेत्रीय प्रबन्धक कार्यालय उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा एवं बारां तथा सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक कार्यालय प्रतापगढ एवं आबूरोड में अवस्थित है।

विभागीय योजनाऐं एवं गतिविधियां:
मत्स्य योजनाऐं

बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर एवं प्रतापगढ़ जिले के 194 छोटे जलााशयो में 1917 स्थानीय जनजातियों को मत्स्य पालन द्वारा वर्ष 2006-07 से समेकित मत्स्य विकास परियोजना का संचालन।

मत्स्य विकास कार्यक्रम (विशेष केन्द्रीय सहायता)

मत्स्य विकास कार्यक्रम (विशेष केन्द्रीय सहायता वर्ष 2015-16) योजनान्तर्गत आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास।
क्षेत्र में स्थित जलाशयों पर 104 नवीन मत्स्य सहकारी समितियो का गठन कर 3224 नये स्थानीय जनजाति मछुआरों को मत्स्याखेट कार्य से जोडा गया। स्थानीय जनजाति मत्स्य सहकारी समितियों को निजी मत्स्य रोजगार के लिये मत्स्याखेट आंवटन हेतु राजस्थान मत्स्य नियमों में संशोधन।
राजससंघ के मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, जयसमन्द पर गत 26 वर्षो से मत्स्य बीज उत्पादन।

वन धन विकास केन्द्र योजना

ट्राईफेड भारत सरकार की वन धन योजना के अन्तर्गत 189 वन धन विकास केन्द्र क्लस्टर स्वीकृत होकर लगभग 57243 जनजातियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

व्यावसायिक गतिविधियां

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत क्षेत्र में उपभोक्ता सामग्री वितरण कार्य।
जनजाति एवं सहरिया क्षेत्र में कृषि आदान- खाद, बीज, कीटनाशक वितरण।

राजस संघ की वेबसाइट हेतु यहां क्लिक करें