महत्वपूर्ण उपलब्धियां

वर्ष:- 2021-22

  • विभाग के माध्यम से कुल 407 आश्रम छात्रावासों, 44 आवासीय विद्यालयों एवं 13 खेल छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें क्रमशः 72819, 27460 व 2572 छात्र/छात्राओं को तीन वर्षो में लाभान्वित किया गया।
  • जनजाति छात्रावासों/विद्यालयों में 100 छात्रावासों में आर ओ वाटर कूलर स्थापित किये गये है।
  • 63 जनजाति कन्या छात्रावासों/विद्यालयों में सेनेट्री नेपकिन्स निस्तारण संयत्र स्थापित किये गये है।
  • 64446 जनजाति छात्राओं को महाविद्यालय में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • 57366 जनजाति छात्राओं को कक्षा 11 व 12 में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • 32698 जनजाति छात्रो को छात्र गृह किराया से लाभान्वित किया गया।
  • 7331 जनजाति छात्रो को बोर्ड व विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी में उर्तीण होने प्रतिभावान छात्रवृति प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
  • 518 जनजाति विद्यार्थीयों को पी.एम.टी./पी.ई.टी./आई.आई.टी. में प्रवेश परीक्षा हेतु कोचिंग उपलब्ध करा लाभान्वित किया गया।
  • सहरिया क्षेत्र के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयो के 39345 विद्यार्थियो को पोशाक, पुस्तके व स्टेशनरी प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
  • सहरिया क्षेत्र के छात्र/छात्राओं को छात्रवृति यूनिफोर्म इत्यादि क्रय करने हेतु राशि बढ़ाकर कक्षा 1 से 5 तक 1000 रूपये एवं कक्षा 6 से 12 तक 2500 रूपये किया गया।
  • सहरिया क्षेत्र के कॉलेज स्तर के 1233 विद्यार्थियो को आर्थिक सहायता प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
  • जनजाति छात्र/छात्राओं को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने तथा सरकारी नौकरियों हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना प्रारंभ की गई है। जिसके अंतर्गत UPSC, RPSC एवं राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं की कोचिंग कराई जा रही है। इसी योजना में प्रतिष्ठित संस्था ऐलेन के माध्यम से उदयपुर में 200 जनजाति छात्राओं को नीट की आवासीय कोचिंग प्रदान की जा रही है।
  • महारानी कॉलेज जयपुर की 100 जनजाति छात्राओं को स्प्रिंग बोर्ड एकेडमी के माध्यम से तथा मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर की 200 जनजाति छात्राओं चाणक्य एकेडमी के माध्यम से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग दिसम्बर 2021 से प्रारंभ कराई जा रही है।
  • बारां जिले के सहरिया क्षेत्र - खुशियारा, कोयला, कवाई एवं परानिया में सहरिया जनजाति हेतु संचालित 4 आवासीय विद्यालयों को माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत किया गया।
  • राजकीय जनजाति बहुउददेश्यी छात्रावास कोटा में रहकर 1 छात्रा का आई.आई.टी., 2 का एन.आई.टी. एवं 5 का नीट (NEET) में चयन हुआ।
  • राजकीय छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु छात्र/छात्राओं की पात्रता की सीमा को बढ़ाकर 8.00 लाख रूपये किया गया।
  • अनुसूचित क्षेत्र, माड़ा क्षेत्र तथा सहरिया क्षेत्र के 79290 बालक/बालिकाओं को 2643 माँ-बाड़ी केन्द्रों में प्रतिवर्ष अनौपचारिक शिक्षा प्रदान कर लाभान्वित किया जा रहा है।
  • माननीय मुख्यमंत्री की 250 नवीन मां-बाड़ी केन्द्र प्रारंभ करने की बजट घोषणा क्रम में 96 मां बाड़ी केन्द्र प्रारंभ कर दिये गये है।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सहयोग से उदयपुर एवं जयपुर में जनजाति छात्राओं हेतु रोजगार शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 81 जनजाति छात्राओं का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त आरएसएलडीसी, सीपेट एवं एमएसएमई के माध्यम से 2260 युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया।
  • प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर इंडोर खेल स्टेडियम निर्माण कार्य पूर्ण कर स्टेडियम प्रारंभ कर दिया गया है।
  • विभाग द्वारा संचालित खेल छात्रावासों में पूरक पोषाहार उपलब्ध कराने हेतु भोजन सामग्री की राशि में वृद्धि करते हुए 2600 रूपये प्रतिमाह प्रति विद्यार्थी किया गया।
  • जनजाति छात्र/छात्राओं को अंतराष्ट्रीय स्तर के हॉकी प्रशिक्षण हेतु उदयपुर में हॉकी अकादमी प्रारंभ कर राष्ट्रीय स्तर के कोच द्वारा 70 जनजाति छात्र/छात्राओं को एस्ट्रो टर्फ मैदान पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
  • जनजाति क्षेत्र में सामुदायिक जलोत्थान परियोजना के माध्यम से 50 सौर ऊर्जा आधारित सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना की स्वीकृति जारी की गई। जिसमें से 32 कार्य पूर्ण किये गये। शेष प्रगतिरत।
  • 4 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय आम्बापुरा - जिला बांसवाड़ा, सराड़ा - जिला उदयपुर, पीपलखुंट-जिला प्रतापगढ़ एवं डंूगरपुर-जिला डंूगरपुर में प्रारंभ कर दिये गये है।
  • दो नवीन आश्रम छात्रावास बालिका राजसमन्द-जिला राजसमन्द तथा बालक खजुरा, कुशलगढ़-जिला बांसवाड़ा संचालन प्रारंभ किये गये।
  • 434 आवासीय विद्यालयों/छात्रावासों हेतु सुपोषण वाटिका एवं पंचफल उद्यान के तहत् स्वीकृति जारी की गई।
  • 9 नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृति जारी।
  • 12 जर्जर छात्रावासों के पुर्ननिर्माण हेतु 40.00 करोड़ रू की स्वीकृति जारी।
  • बेणेश्वर धाम डंूगरपुर में बाउण्ड्री वॉल निर्माण एवं विकास कार्यो हेतु 1.00 करोड़ रूपये स्वीकृत।
  • 4 आईटीआई परिसर में जनजाति छात्र/छात्राओं हेतु विशेष बेच चलाने के लिये प्रशिक्षण भवनों का निर्माण कराया गया।
  • जनजाति विभाग के छात्रावासों में विद्यार्थियों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु 10 करोड़ रूपये के नवीन फर्नीचर क्रय किये गये।
  • कृषि विकास कार्यक्रम में 33192, उद्यानिकी कार्यक्रम से 3370 एवं पशुपालन कार्यक्रम से 20942 परिवारों को लाभान्वित किया गया।
  • वनाधिकार अधिनियम की प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु ऑन लाईन दावें प्राप्त कर निस्तारण की कार्यवाही प्रारंभ की गई।
  • अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के अंतर्गत 84847 दावें प्राप्त किये जाकर 44826 व्यक्तिगत एवं 360 सामुदायिक वनाधिकार कुल 45186 हक पत्र जारी किये गये जिनका राजस्व रिकार्ड में अंकन किया जा रहा है।
  • वनाधिकार अधिनियमों के अंतर्गत सामुदायिक पट्टो पर विकास कार्य हेतु नवीन ’’सामुदायिक वनाधिकार विकास योजना’’ लागु की गई है।
  • आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के छात्र/छात्राओं के लिये ग्रीष्मकालीन अभिरूचि एवं कौशल विकास शिविर ’’स्पन्दन’’ का आयोजन किया गया। इसमें 28047 शिविरार्थियों ने भाग लिया तथा 11 प्रकार के अभिरूची क्षेत्रों में दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
  • 117750 सहरिया व्यक्तियों, 9066 खैरवा जाति के व्यक्तियों एवं 3253 कथोडी व्यक्तियों को प्रतिमाह प्रति युनिट 500 ग्राम दाल, 500 मि.ली. तेल व 250 मि.ली. देशी घी निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • वर्ष 2019-20 में जनजाति प्रतिभा सम्मान समारोह जिला मुख्यालय बांसवाड़ा, डंूगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ एवं आबूरोड़ जिला सिरोही 9 अगस्त 2019 को आयोजित विश्व आदिवासी समारोह में 335 जनजाति प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को सम्मानित किया गया। वर्ष 2020-21 में जनजाति प्रतिभा सम्मान समारोह में 213 अभ्यार्थियों हेतु स्वीकृति जारी की गई।
  • टी.बी. रोग कार्यक्रम में 10072 रोगीयों का उपचार किया गया।
  • पेसा अधिनियम - प्रशिक्षकों हेतु 2 प्रशिक्षण आयोजित किये गये।
  • जोधपुर संभाग में जनजाति वर्ग के संवार्गीण विकास हेतु मारवाड़ जनजाति विकास बोर्ड का गठन किया गया।
  • जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग द्वारा पूर्व में संचालित 33 छात्रावासों को और अधिक सुचारू रूप से चलाने के लिये जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग को हस्तान्तरित किया गया।
  • जनजाति परिवारों को उनके द्वारा संग्रहित लघु वन उपजों का मूल्य संवर्द्धन कर मार्केटिंग के बेहतर अवसर सृजित करने हेतु वनधन विकास योजनान्तर्गत अब तक 479 वनधन विकास केन्द्रों का गठन किया जा चुका है, जिन्हें ट्राईफेड़ द्वारा स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है। इस योजना के संचालन से प्रति वनधन विकास केन्द्र औसतन लगभग 300 सदस्यों सहित 8 जिलो में 144803 सदस्य लाभान्वित होगंे।
  • बजट वर्ष 2021-22 में अनुसूचित जनजाति के समावेशी विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा 100.00 करोड़ रूपये के जनजाति विकास कोष बनाया गया है। इस कोष के माध्यम से जनजाति क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ढांचागत विकास आदि क्षेत्रों में अतिरिक्त विकास कार्य स्वीकृत कर अंतराल की पूर्ति की जा सकेगी।
  • जनजाति क्षेत्र में जन सहयोग से सर्वार्गींण विकास हेतु जनजाति भागीदारी योजना प्रारंभ की गई।

वर्ष:- 2020-21

  • विभाग के माध्यम से अब कुल 372 आश्रम छात्रावासों में 23481 छात्र/छात्राओं को आॅन लाईन प्रवेश दिया गया व प्रवेश प्रकिया जारी है।
  • कुल 34 आवासीय विद्यालयों एवं 2 माॅडल पब्लिक विद्यालय में 9286 छात्र/छात्राओं को आॅन लाईन प्रवेश दिया गया व प्रवेश प्रकिया जारी है।
  • 13 खेल छात्रावासों का संचालन कर 866 विद्यार्थीयों को आॅन लाईन प्रवेश दिया गया व प्रवेश प्रकिया जारी है।
  • अनुसूचित क्षेत्र, माड़ा क्षेत्र तथा सहरिया क्षेत्र में 2539 मां बाडी केन्दो का संचालन कर 76170 बालक/बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • 117750 सहरिया व्यक्तियों, 9066 खैरवा जाति के व्यक्तियों एवं 3253 कथोडी व्यक्तियों को प्रतिमाह प्रति युनिट 500 ग्राम दाल, 500 मि.ली. तेल व 250 मि.ली. देशी घी निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • 7561 छात्रो को छात्र गृह किराया से लाभान्वित किया गया।
  • 21528 छात्राओं को कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • 20531 छात्राओं को महाविद्यालय में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • प्रतिष्ठित विद्यालयों/संस्थाओं के माध्यम से कक्षा 6 से 12 में चयनित 1928 जनजाति छात्र/छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है।
  • 7288 सहरिया जनजाति के प्राथमिक स्तर के छात्र/छात्राओं को पोशाक, पुस्तके व स्टेशनरी प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
  • 3816 जनजाति छात्राओं को निःशुल्क स्कूटी वितरण की गयी।
  • 4112 सहरिया जनजाति के कक्षा 6 से 12 के स्तर के छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक उत्प्रेरक हेतु सहायता दी गई।
  • 385 सहरिया जनजाति के काॅलेज स्तर के छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक उत्प्रेरक हेतु सहायता दी गई।
  • 35 सहरिया जनजाति छात्रों को बी.एड.एवं बी.एस.टी.सी. प्रशिक्षण हेतु सहायता प्रदान की गई।
  • 5 लाख 90 हजार जनजाति कृषकों को कृषि विभाग के माध्यम से निःशुल्क संकर मक्का बीज मिनी किट (5 किलोग्राम प्रति कृषक) का वितरण खरीफ 2020 में किया गया।
  • 11 जनजाति विद्यार्थीयों को पी.एम.टी./पी.ई.टी./आई.आई.टी. में प्रवेश परीक्षा हेतु कोचिंग उपलब्ध करा लाभान्वित किया गया।
  • फुडक्राफ्ट योजना अन्तर्गत 02 जनजाति युवाओं को लाभान्वित किया गया।

वर्ष:- 2019-20

  • विभाग के माध्यम से कुल 372 आश्रम छात्रावासो का सञ्चालन किया जा कर 23759 छात्र छात्रो को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • कुल 36 आवासीय विद्यालयों का विभाग द्वारा संचालनकिया जा कर 8378 छात्र छात्राओ को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • 13 खेल छात्रावासो का संचालन कर 875 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • अनसूचित क्षेत्र, माडा क्षेत्र तथा सहरिया क्षेत्र के 77370 बालक/ बालिकाओ को 2579 माँ बाड़ी केन्द्रो में अनौपचारिक शिक्षा प्रदान कर लाभान्वित किया जा रहा है।
  • 120656 सहरिया एबं कथौड़ी जाती के परिवारों के सदस्यों को 500 ग्राम दाल 500 मि.ली. तेल एबं 250 मि.ली. देशी घी प्रति यूनिट की दर से पौष्टिक आहार निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • 9066 खैरवा जाती के पत्र परिवारों के सदस्यों को प्रति माह प्रति यूनिट की दर से 500 ग्राम दाल,500 मि।ली। तेल एबं 250 मि।ली।देशी घी प्रति यूनिट की दर से पौष्टिक आहार निः शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • वर्ष 2019 -20 में विभागीय शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओ के अंतर्गत कॉलेज में अध्यनरत 14222 छात्र छात्राओ को मकान किराया पुनर्भरण ,2305 छात्रो को बोर्ड ब विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी लेन पर प्रोत्साहन राशि ,21712 छात्रो को महविद्यालय में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता एबं 23049 छात्राओ को कक्षा 11 ब 12 में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गयी।
  • फ़ूड क्राफ्ट योजना अंर्गत 8 जनजाति युवाओ को लाभान्वित किया गया है।
  • 370 जनजाति विधार्थियो को PMT/PET/IIT में प्रवेश परीक्षा हेतु कोचिंग उपलब्ध करा लाभान्वित किया गया।
  • सहरिया क्षेत्र के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के 10490 विद्यार्थियों को पोशाक, पुस्तके एवं स्टेशनरी प्रदान कर   लाभान्वित किया गया।
  • 32770 जनजाति परिवारों   को कृषि विकास योजनाओं से लाभान्वित किया गया। 
  • 1685 जनजाति परिवारों  को उद्यानिकी विकास क्रायक्रम में लाभान्वित किया गया। 
  • 1316 जनजाति परिवारों  को पशुपालन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। 
  • 28 सामुदायिक भवन का निर्माण किया गया।
  • 17 एनीकट निर्माण कार्य पूर्ण किये गए।
  • 52 जनजाति बस्तियों को संपर्क सड़क से जोड़ा गया।
  • 39 बस्तियों में पेयजल सुविधा हेतु पनघट निर्मित किये गए एवं 290 हैंडपंप स्थापित किये गए।

वर्ष:- 2018-19

  • विभाग के माध्यम से कुल 367 आश्रम छात्रावासों का संचालन किया जाकर 23962 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित कियाजारहाहै।
  • कुल 29 आवासीय विद्यालयों का विभाग द्वारा संचालन किया जाकर 8044 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • 13 खेल छात्रावासों का संचालन कर 875 विद्यार्थीयों को लाभान्वित किया जा रहा है।
  • अनुसूचित क्षेत्र, माड़ा क्षेत्र तथा सहरिया क्षेत्र के 77370 बालक/ बालिकाओं को 2579 माँ-बाड़ी केन्द्रों में अनौपचारिक शिक्षा प्रदान कर लाभान्वित किया जा रहा है।
  • 116972 सहरिया व्यक्तियों 10577 खैरवा व्यक्तियों एवं 2906 कथोडी व्यक्तियों को प्रतिमाह प्रति युनिट 500 ग्राम दाल, 500मि.ली.तेल व 250 मि.ली. देशी घी निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • 17780 छात्रो को छात्र गृह किराया से लाभान्वित किया गया। 3036 छात्रो को बोर्ड व विश्वविद्यालय में प्रथम श्रेणी में उर्तीण होने से प्रोत्साहन राषि प्रदान की गई। 29012 छात्राओं को महाविद्यालय में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 29746 छात्राओं को कक्षा 11 व 12 में अध्ययन करने पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
  • 3420 जनजाति छात्राओं को निःशुल्क स्कूटी वितरण की गयी।
  • 288 जनजाति विद्यार्थीयों को पी.एम.टी./पी.ई.टी./आई.आई.टी. में प्रवेश परीक्षा हेतु कोचिंग उपलब्ध करा लाभान्वित किया गया।
  • जीएनएम प्रषिक्षण अर्न्तगत 240 जनजाति विद्यार्थीयों को लाभान्वित किया गया।
  • फुडक्राफ्ट योजना अर्न्तगत 34 जनजाति युवाओं को लाभान्वित किया गया।
  • सहरिया क्षेत्र के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयो के 16615 विद्यार्थियो को पोशाक, पुस्तके व स्टेशनरी प्रदान कर लाभान्वित किया गया।
  • टी.बी. रोग कार्य क्रम में 4886 रोगीयों का उपचार किया गया।
  • कौशल विकास कार्यक्रम के तहत 4845 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
  • 713368 परिवारों को कृषि विकास योजना के तहत, उद्यानिकी विकास कार्य क्रम में 2412 परिवारों को एवं 44024 परिवारों को पशुपालन योजना के तहत लाभान्वित किया गया।
  • पेयजल सुविधा हेतु 185 हेण्ड पम्प स्थापना एवं 2 पम्प एवं टैंक योजना का निर्माण किया गया।
  • 24 एनीकट निर्माण किया गया।
  • 5003 कृषकों के कूप ब्लास्टींग द्वारा गहरे कराये गये।