मां बाड़ी योजना

यह योजना स्वच्छ परियोजना द्वारा वर्तमान में अनुसूचित जनजाति/कथौड़ी एवं सहरिया परिवारों के ऐसे बालक/ बालिका जो शिक्षा से वंचित है के लिये संचालित की जा रही है।

1.   प्रत्येक माॅ-बाड़ी केन्द्र पर जनजाति/ कथौड़ी एवं सहरिया समुदाय के 6 से 12 वर्श के शिक्षा से वंचित 30 बालकों को प्रारम्भिक शिक्षा हेतु नामांकित करना तथा इसमें बालिकाओं को वरीयता प्रदान करना।

2. इन बालक-बालिकाओं को माॅ-बाड़ी केन्द्र पर नाश्ता एवम् दोपहर में पोशक भोजन उपलब्ध कराना।

3. प्रत्येक बालक-बालिकाओं को पोशाक, जूते, मौजे, टाई, बेल्ट तथा स्वेटर उपलब्ध कराना।

4. खेतीहर मजदूरों के बच्चों का पलायन रोकना तथा अनवरत अध्ययन में सलंग्न करना।

5. खेलो के माध्यम से बालक/बालिकाओं को षिक्षण कार्य को रूचिकर बनाना।

6. अध्ययनरत् बच्चों की माताओं को माॅ-बाड़ी की गतिविधियों से जोड़ना:

-    बच्चों के भोजन तैयार करने के लिए 2 जनजाति/ कथौड़ी/सहरिया महिलाओं को प्रत्येक महीने बारी-बारी से दायित्व सौपना और मानदेय देना एवम् स्वयं भोजन करना और बच्चों को भोजन कराना।

-    जनजाति/कथौड़ी/सहरिया महिलाओं को प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम से माॅ-बाड़ी केन्द्र के साथ जोड़ना।

-    स्वास्थ्य, स्वच्छता के उत्थान हेतु राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करना।

7. माॅ-बाड़ी केन्द्र जनजाति समुदाय द्वारा चयनित ग्राम विकास समिति के माध्यम संचालित कराना और समुदाय के ही स्थानीय बेरोजगार शिक्षित (आठवीं और उच्च शिक्षित) युवक-युवतियों को अध्यापन हेतु चयन किया जाना।

       

इस प्रकार इस योजना में आदिवासी समुदाय के जनजाति परिवारों के बच्चों को कुपोशण से मुक्ति दिलाकर शिक्षा के पथ पर अग्रसर किया जा रहा है एवं आदिवासी परिवारों के बच्चों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में ये केन्द्र मां बाडी केन्द्र एवं मां बाडी डे-केयर केन्द्र के रूप में संचालित किये जा रहे है।

       

मां बाडी डे-केयर में मुलतः 2 षिक्षा सहयोगियों एवं 3 सहायिकाओं का प्रावधान है तथा ये केन्द्र प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक खुले रखे जाते है। जिससे इन बालक/बालिकाओं के अभिभावक निष्चिन्त होकर कृशि/मजदुरी कार्य हेतु बालकों को केन्द्र पर छोडकर चले जाते है। डे-केयर केन्द्र पर बालको को पुरे दिवस पोश्टिक आहार, खेल, षिक्षण कार्य उनकी रूची अनुसार करया जाता है। वर्तमान में कुल 839 मां बाडी डे केयर सेन्टर संचालित किये जा रहे है। जिनमें उदयपुर - 176, डूंगरपुर - 103, बाॅसवाडा - 159, प्रतापगढ - 54, आबूरोड - 23, बारां - 324 डे केयर केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है।

       

मां बाडी केन्द्रो पर एक षिक्षा सहयोगी एवं 2 सहायिकाओं का प्रावधान है तथा ये केन्द्र प्रातः काल से दोपहर तक खोले जाते है। इन केन्द्रो पर बालको को प्रातः का नास्ता एवं दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में कुल 620 मां बाडी केन्द्रो संचालित किये जा रहे है। जिनमें उदयपुर - 132 (कोटडा क्षेत्र में वन बन्दु योजना की 20 मां बाडी) , डूंगरपुर - 113, बाॅसवाडा - 123, प्रतापगढ - 152, आबूरोड- 10, पाली - 25, राजसमंद - 4, जयपुर - 80 मां बाडी केन्द्रो का संचालन किया जा रहा है।