एकीकृत कथोड़ी विकास कार्यक्रम

उदयपुर जिले में कोटडा एवं झाड़ोल पंचायत समिति में निवास कर रहे कथौड़ी परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान हेतु यह योजना स्वच्छ परियोजना द्वारा जनजाति विकास विभाग के माध्यम से स्वीकृत एवं वित्त पोशित संचालित की जा रही है। इस योजना अन्तर्गत मुख्यरूप से कथौड़ी परिवारों के चयनित लाभार्थी जिनमें विषेशतौर पर युवक एवं युवतियों को सम्मिलित किया गया है। 
चयनित युवक/युवतियों को उनकी विषेश योग्यता अनुसार निषुल्क उद्यम में प्रषिक्षण प्रदान कर आवष्यक सामग्री दिलाये जा कर स्वरोजगार हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस हेतु लाभार्थियों से किसी प्रकार का अषंदान नहीं लिया जा रहा है। लाभार्थियों को समस्त सामग्री निषुल्क प्रदान की जा रही है।
इस योजना अन्तर्गत मुख्यरूप से निम्न कार्यक्रम/ प्रषिक्षण स्वरोजगार हेतु दिलाये जा रहे है:

1. सिलाई प्रषिक्षण

पाॅच वर्शो में विभिन्न गावों में 150 युवतियों को प्रषिक्षण प्रदान कर निषुल्क सिलाई मषीने वितरित की जानी है। वर्तमान में 4 गावों की विभिन्न चयनित 40 युवतियों/महिलाओं को सिलाई प्रषिक्षण प्रदान कर सिलाई मषीने वितरित की गयी है।

2. बैंड सेट प्रषिक्षण

पाॅच वर्शो मंे 5 बैंड सेट वितरित किये जाने है। वर्तमान में 2 गावों के प्रत्येक में लगभग 12 युवकों का ग्रुप बना कर बैंड सेट वितरित कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

3. काॅटेज उद्योग

पाॅच वर्शो में 35 व्यक्तियों को काॅटेज उद्योग से जोड़ा जा कर स्वरोजगार से जोडा जा कर आर्थिक एवं सामजिक उत्थान हेतु प्रोत्साहित किया जाना है।

4. नाई की दुकान

पाॅच वर्शाे में विभिन्न गावों में 32 बाल कटिंग का प्रषिक्षण प्रदान करा दुकाने स्थापित कर स्वरोजगार से जोडा जाना है।

5. आपणी दुकान/ गेहूं पिसाई दुकान

वर्श 2012-13 से 2016-17 पाॅच वर्शो में 32 दुकाने गांव की आवष्यकता अनुसार चयन कर लगायी जा कर स्वरोजगार से जोड़ा जाना है लक्ष्य के विरूद्ध 2 गेहूं पिसाई दुकाने तथा एक आपणी दुकान स्थापित कर 3 कथौड़ी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।वर्श 2012-13 से 2016-17 पाॅच वर्शो में 32 दुकाने गांव की आवष्यकता अनुसार चयन कर लगायी जा कर स्वरोजगार से जोड़ा जाना है लक्ष्य के विरूद्ध 2 गेहूं पिसाई दुकाने तथा एक आपणी दुकान स्थापित कर 3 कथौड़ी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।वर्श 2012-13 से 2016-17 पाॅच वर्शो में 32 दुकाने गांव की आवष्यकता अनुसार चयन कर लगायी जा कर स्वरोजगार से जोड़ा जाना है लक्ष्य के विरूद्ध 2 गेहूं पिसाई दुकाने तथा एक आपणी दुकान स्थापित कर 3 कथौड़ी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।वर्श 2012-13 से 2016-17 पाॅच वर्शो में 32 दुकाने गांव की आवष्यकता अनुसार चयन कर लगायी जा कर स्वरोजगार से जोड़ा जाना है लक्ष्य के विरूद्ध 2 गेहूं पिसाई दुकाने तथा एक आपणी दुकान स्थापित कर 3 कथौड़ी युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

6. वाहन चालक प्रषिक्षण्

5 वर्शो में कुल 150 युवको को वाहन चालक प्रषिक्षण प्रदान किया जाना है।

7. कारपेंटर प्रषिक्षण

5 वर्शो में कुल 150 युवको को वाहन चालक प्रषिक्षण प्रदान किया जाना है।
साथ ही विभिन्न गावों में कथौड़ी बस्तियों में हैण्डपम्प स्थापना कथौड़ी बस्ती में, सामुदायिक षौचालक , नाली निर्माण , मांबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जाना है वर्तमान में विभिन्न कथौड़ी बस्तियों में मांबाड़ी डेकेयर सेन्टर का संचालन किया जा कर बालक बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है।