घोषणाएँ

वर्ष 2018-19
  • माँ-बाड़ी केन्द्रों की सफलता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार 1 हजार नवीन माँ-बाड़ी केन्द्र मय गैस कनेक्शन प्रारंभ करने की घोषणा। इन नवीन केन्द्रों पर प्रतिवर्ष रूपये 36 करोड़ व्यय कर 30 हजार बच्चों को लाभान्वित किया जायेगा। 
  • प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए डूंगरपुर, प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा में 100 छात्राओं की क्षमता के एक-एक बहुद्देश्यीय छात्रावास की स्थापना पर रूपये 12 करोड़ का व्यय प्रस्तावित है।
  • गोविन्द गुरू जनजाति विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में अध्ययनरत जनजाति छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु पृथक-पृथक दो छात्रावासों का निर्माण करवाया जायेगा। इस पर लगभग रूपये 8 करोड़ का व्यय होना संभावित है।    
  • जनजाति क्षेत्र में संचालित 5 खेल छात्रावासों को रूपये 5 करोड़ का व्यय कर sports academy के रूप में upgrade कर एक खेल विशेष के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया जायेगा।
  • जनजाति क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विकास हेतु 12 एनिकटों-माण्डवा खापरड़ा, पंचकुंडी, जाफरा-डूंगरपुर, कुंडला, महुडीवाड़ा, सरवटवाला नाला, उमरीवाला नाला और चिरोवाली- बांसवाड़ा, धोलीगार, चूलीकानाका और आकोलाकानाका- उदयपुर, मोटा धामनिया-प्रतापगढ़ का निर्माण एवं जीर्णोद्धार तथा 6 नहरों-मेवाड़ा लघु सिंचाई परियोजना का विस्तार एवं जीर्णोद्धार किये जाने की घोषणा। इस योजना से 2 हजार किसानों की 1 हजार 200 हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इन निर्माण कार्यों पर लगभग रूपये 20  करोड़ का व्यय होगा।    
  • जनजाति क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विकास हेतु 25 नवीन सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजनाओं की क्रियान्विति सौर ऊर्जा के माध्यम से किये जाने की घोषणा। इस पर रूपये 7 करोड़ 50 लाख की लागत आयेगी।   
  • जनजाति उपयोजना क्षेत्र के ऐसे 1 लाख 70 हजार 660 किसान, जिनके घरों पर विद्युत कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें सोलर लैप दिये जाने की घोषणा।
  • जनजाति उपयोजना क्षेत्र में जो विशेष सुविधायें सहरिया एवं कथोड़ी जाति के परिवारों को उपलब्ध हैं, वही सुविधायें अब खैरवा जाति के परिवारों को भी उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा।
वर्ष 2017-18
  • प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रही छात्राओं के लिए उदयपुर एवं कोटा में एक-एक बहुद्देश्यीय छात्रावास का संचालन किया जा रहा है, जिसका संचालन व्यय वर्तमान में छात्राओं द्वारा वहन किया जा रहा है। आगामी वर्ष से इन दोनों छात्रावासों तथा बारां में निर्माणाधीन छात्रावास के संचालन का पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।   
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित 30 छात्रावास ऐसे हैं जिनकी दूरी विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक है। इनमें आवासरत कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को सुगम आवागमन सुविधा उपलब्ध करवाने की दृष्टि से साईकिलए छात्रावास प्रबंधन द्वारा उपलब्ध करवाई जायेगी।  
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों में कक्षा 10 व 12 में अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं की Tribal Research Institute  तथा अन्य चयनित agencies के माध्यम से कैरियर काउंसलिंग करवायी जायेगी।  
  • आवासीय विद्यालयों में प्रवेश की मांग को ध्यान में रखते हुए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय निवाई-टोंक, दानवाव (आबूरोड़)-सिरोही एवं सीमलवाड़ा-डूँगरपुर की क्षमता को 350 से बढ़ाकर 480 किया जायेगा।  
  • आगामी वर्ष में डूँगरपुर में निर्मित दो तथा बाँसवाड़ा में निर्मित एक कॉलेज छात्रावास भवन में 50-50 छात्राओं की क्षमता वाले कॉलेज छात्रावास का संचालन प्रारंभ किया जायेगा।  
  • विभाग द्वारा संचालित खेल छात्रावासों की सफलता को देखते हुए तीरंदाजी अकादमी, उदयपुर, बालिका खेल छात्रावासए प्रतापगढ़ एवं आबूरोड़-सिरोही, बालक खेल छात्रावासए प्रतापगढ़ एवं डूँगरपुर में छात्र-छात्राओं की क्षमता 50 से बढ़ाकर 75 की जायेगी।  
  • जनजाति क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विकास हेतु बाँसवाड़ा में 11 एवं प्रतापगढ़ जिले में 8 नवीन एनिकटों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार तथा डूँगरपुर जिले की 3, प्रतापगढ़ जिले की 2 तथा उदयपुर जिले की एक नहर का विस्तार एवं जीर्णोद्धार करवाया जायेगा।    
  • वर्ष 2015-16 में डूँगरपुर जिले में सौर ऊर्जा के माध्यम से लिफ्ट योजना का सफल क्रियान्वयन किया गया है। बाँसवाड़ा एवं उदयपुर की 5-5, डूँगरपुर की 8, प्रतापगढ़ की 14 पुरानी एवं बाँसवाड़ा की 6 नवीन सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजनाओं की क्रियान्विति सौर ऊर्जा के माध्यम से 10 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से की जायेगी।     

वर्ष 2016-17

  • अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 30 आश्रम छात्रावासों का 21 करोड़ रुपये की लागत से विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। इस विस्तार से प्रतापगढ़ के 6, उदयपुर के 8, बांसवाड़ा के 7 एवं डूंगरपुर के 9 छात्रावासों में कुल 750 सीटों की वृद्धि होगी।
  • उदयपुर, डूँगरपुर तथा प्रतापगढ़ में एक-एक राजकीय माॅडल आवासीय विद्यालय की क्षमता 210 से बढ़ाकर 350 की जायेगी। इस हेतु इन विद्यालयों में 10 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त निर्माण करवाया जायेगा।
  • वर्तमान में राज्य में 1 हजार 439 माँ-बाड़ी केन्दों में 6 से 12 वर्ष तक के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ साथ पौष्टिक आहार एवं स्वच्छता की जानकारी उपलब्ध करवायी जाती है। इन केन्द्रों की सफलता को देखते हुए उनके उन्नयन हेतु निम्न कदम उठाये जायेंगे:-
  1. वर्ष 2016-17 में 100 नवीन माँ-बाड़ी केन्द्र 3 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से खोले जायेंगे।
  2. वर्तमान में सहरिया क्षेत्र में संचालित 179 तथा उपयोजना क्षेत्र में संचालित 329 माँ-बाड़ी केन्द्रों में Kitchen sheds नहीं बने हैं। वर्ष 2016-17 में इन केन्द्रो पर Kitchen sheds का निर्माण 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से करवाया जायेगा।
  • राजकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों हेतु बांसवाड़ा स्नातकोत्तर महाविद्यालय, स्नातक महाविद्यालय, कुशलगढ़, जिला बांसवाड़ा में एक-एक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रतापगढ़ में दो छात्रावास भवन बने हुए हैं, परंतु उनका उचित उपयोग नहीं हो रहा है। इन छात्रावासों का संचालन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग द्वारा आगामी वर्ष से कराया जाना प्रस्तावित है। इस हेतु 1 करोड़ 20 लाख रुपये का व्यय होगा।
  • जनजाति उपयोजना क्षेत्र की डेयरी सोसायटीज के दूध में fat की सही गणना करते हुए उत्पादन का उचित मूल्य मिले, इस हेतु 200 automated milk collection unit उपलब्ध करवायी जायेंगी, जिस पर 2 करोड़ 38 लाख रुपये का व्यय प्रस्तावित है।
  • राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) द्वारा जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए आगामी एक वर्ष में उद्योग, कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी आदि क्षेत्रों से जुड़े कौशल एवं आजीविका प्रशिक्षण हेतु 20 नये कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जायेंगे।
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के 62 छात्रावास ऐसे हैं जहाँ मुख्य सड़क तक पहुँचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। अतः इन छात्रावासों हेतु approach road बनाने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाना प्रस्तावित है।
  • उदयपुर संभाग के जिलों में कई प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थान हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से Tribal Tourism Circuit विकसित किया जायेगा।

वर्ष 2015-16

  • वर्ष 2015-16 में अनुसूचित जनजाति क्षेत्र एवं सहरिया क्षेत्र में 100 नये माँ-बाड़ी केन्द्र खोले जायेंगे। इन पर लगभग 3 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे
  • जनजाति उपयोजना एवं सहरिया क्षेत्र में 1 हजार 339 माँ-बाड़ी डे-केयर सेंटरों पर 6 साल से 12 साल तक के 40 हजार 170 बच्चों के पोषाहार प्रबंध के लिए 75 लाख रुपये का व्यय कर गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाये जायेंगे।
  • अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के पशुपालकों काे दूध एकत्रित करने हेतु संबंधित डेयरियों को 3 करोड़ रुपये की लागत से 50 बल्क कूलर उपलब्ध करवाये जायेंगे।
  • अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में बालिकाओं के लिए वर्तमान में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर एवं आबू रोड में संचालित 4 आश्रम छात्रावासों को बालिका खेल छात्रावास में परिवर्तित किया जायेगा एवं प्रतापगढ़ में एक नवीन बालिका खेल छात्रावास प्रारंभ किया जायेगा। इन छात्रावासों में गुणवत्तापूर्ण खेल प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षक लगाये जायेंगे। इस पर 1 करोड़ 71 लाख रुपये का व्यय किया जायेगा।

वर्ष 2014-15

  • अगले 5 वर्षो के लिए संस्थााओं के माध्यम से इन्फ्रास्ट्रक्चर गेप के विकास के लिए जनजाति क्षेत्र हेतु 1 हजार करोड रूपये की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री महोदया द्वारा की गई।
  • जनजाति क्षेत्र के 6 से 12 साल के बच्चों को Supplementary Nutrition तथा कक्षा 4 तक की शिक्षा देने हेतु मां बाडी योजनान्तर्गत वर्तमान में 1 हजार से अधिक केन्द्र चल रहे है। चालू वर्ष में 250 मां बाडी केन्द्र और खोले जाने की घोषणा मुख्य मंत्री महोदया द्वारा की गई ।
  • अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को गुणात्मरक तथा उच्च शिक्षा के लिए 20 कन्या आश्रम छात्रावास खोले जायेंगे ।
  • राज्य के अनुसूचित जनजाति उपयोजना क्षेत्र  में राजकीय कर्मचारियों के पद अधिकतर रिक्त रहने की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। इस समस्या के निराकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान अनुसूचित क्षेत्र अधिनस्थ, मंत्रालयिक एवं चतुर्थ श्रेणी सेवा नियम का गठन किया गया है। इस सेवा में नियुक्त कर्मचारियों का स्थानान्तरण अनुसूचित क्षेत्र से बाहर नहीं हो सकेगा। इन नियमों के तहत रिक्ता पदों को भरने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जायेगा।
 
 
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अंतिम अपडेट तिथि

13-06-2018

संपर्क करें

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग

1, सहेली मार्ग, चेतक सर्कल, उदयपुर (राज.)

फोन: 0294 2428721-24 फैक्स: 0294 2428721

ईमेल: comm.tad@rajasthan.gov.in

वेबसाइट: www.tad.rajasthan.gov.in

नोडल अधिकारी

श्री गिरिराज कतीरिया, एसीपी (उपनिदेशक) 

फोन नं.: 0294 2428722

ईमेल: ddit.tad@rajasthan.gov.in

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