हमारे बारे में

  • विभागीय परिचय
जनजाति विकास के लिये भारतीय संविधान में विशेष प्रावधान है, भारतीय संविधान की अनुसूची 5 में अनुसूचित जनजातियों एवं अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन और नियंत्रण हेतु राज्य की कार्यपालिका की शक्तियों का विस्तार किया गया है, इन्ही शक्तियों के आधार पर राजस्थान में जनजाति समुदाय के समग्र विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1975 में जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की स्थापना की गयी।
संगठनात्मक ढांचा
 
विभाग के उद्धेश्य
  • अनुसूचित क्षेत्र का सर्वागीण विकास
  • जनजातियों का आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विकास
  • जनजाति विकास की विभिन्न योजनाओं का निर्माण, समन्वय, नियंत्रण एवं निर्देशन
  • जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में प्रशासन के स्तर को अन्य क्षेत्रों के समकक्ष लाना एवं जनजाति वर्ग के जीवन स्तर का उन्नयन।
 
अनुसूचित जनजाति
’’अनुसूचित जनजातियाँ’’ शब्द की परिभाषा संविधान के अनुच्छेद 366 (25) में इस प्रकार की गई है, ’’ऐसी जनजातियों या जनजातीय समुदायों के अंतर्गत भागों या समूहों, जिन्हे संविधान के प्रयोजन के लिये अनु. 342 के अंतर्गत अनुसूचित जनजातियाँ होना समझा जाता है।’’
राजस्थान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (संशोधन) अधिनियम 1976 के अनुसार अनुसूचित जनजातियों की सूची निम्न है:-
 
 
क्र.सं.   अनुसूचित जनजातियाँ
1.   भील, गरासिया, ढोली भील, डूंगरी भील, डूंगरी गरासिया, मेवासी भील, रावल भील, तड़वी भील, भगालिया, भिलाला, पावरा, वसावा, वसावें
2.   भील मीना
3.   डामोर, डामरिया
4.   धानका, तडबी, वालवी, तेतारिया
5.   गरासिया (राजपूत गरासिया को छोडकर)
6.   काथोडी, कातकरी, ढोर काथोडी, ढोर कातकरी, सोन काथोडी, सोन कातकरी
7.   कोकना, कोकनी, कूकना
8.   कोली ढोर, टोकरे कोली, कोलचा, कोलघा
9.   मीना
10.   नायकडा, नायका, चोलीवाला नायका, कापडिया नायका, मोटा नायका, नाना नायका
11.   पटेलिया
12.   सेहरिआ, सेहारिआ, सहारिया

अंतिम अपडेट तिथि

18-06-2018

संपर्क करें

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग

1, सहेली मार्ग, चेतक सर्कल, उदयपुर (राज.)

फोन: 0294 2428721-24 फैक्स: 0294 2428721

ईमेल: comm.tad@rajasthan.gov.in

वेबसाइट: www.tad.rajasthan.gov.in

नोडल अधिकारी

श्री गिरिराज कतीरिया, एसीपी (उपनिदेशक) 

फोन नं.: 0294 2428722

ईमेल: ddit.tad@rajasthan.gov.in

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